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PM Rahat Yojana: रोसड़ा के न्यू एपेक्स हॉस्पिटल में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज, समाजसेवी सिकंदर आलम की नई पहल

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Alam Ki Khabar: समस्तीपुर के रोसड़ा स्थित न्यू एपेक्स हॉस्पिटल में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना के तहत सड़क हादसे के घायलों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा। अस्पताल का संचालन समाजसेवी एवं जिला परिषद प्रतिनिधि सिकंदर आलम कर रहे हैं।

समस्तीपुर, 22 जुलाई। आलम की खबर: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में रोसड़ा के न्यू एपेक्स हॉस्पिटल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना (PM Rahat) के तहत अब पात्र सड़क हादसा पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इस सुविधा का उद्देश्य दुर्घटना के बाद इलाज में होने वाली देरी को रोकना और गोल्डन ऑवर के दौरान मरीज की जान बचाने की संभावना को बढ़ाना है।

रोसड़ा स्टेशन के समीप, पूर्वी गुमटी के पास स्थित न्यू एपेक्स हॉस्पिटल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ICU, एक्स-रे, पैथोलॉजी, एम्बुलेंस सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को योजना के प्रावधानों के अनुरूप सात दिनों तक आवश्यक चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा।

इस अस्पताल का संचालन क्षेत्र के चर्चित समाजसेवी एवं जिला परिषद प्रतिनिधि सिकंदर आलम कर रहे हैं। सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनकी पहचान वर्षों से रही है। कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब ऑक्सीजन की भारी कमी थी, उस समय उन्होंने दिन-रात मेहनत कर जरूरतमंद मरीजों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने का अभियान चलाया। उनके प्रयासों से अनेक लोगों की जान बची। इसी सेवा भावना के कारण क्षेत्र के लोग उन्हें आज भी सम्मान के साथ "ऑक्सीजन मैन" के नाम से जानते हैं।

सिकंदर आलम की पत्नी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य हैं और दोनों लंबे समय से स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला रहता है और यही सोच न्यू एपेक्स हॉस्पिटल की कार्यशैली में भी दिखाई देती है।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कर दिया जाए तो गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है, ताकि आर्थिक परेशानी इलाज में बाधा न बने।

चिकित्सकों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे को 'गोल्डन ऑवर' माना जाता है। इस दौरान सही उपचार मिलने पर मरीज के स्वस्थ होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अस्पताल ने लोगों से अपील की है कि दुर्घटना की स्थिति में बिना समय गंवाए घायल को तुरंत अधिकृत अस्पताल पहुंचाएं, ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके।

रोसड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। समय पर इलाज और आधुनिक सुविधाओं के कारण अब सड़क हादसों में घायल मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी।

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विशेष टिप्पणी

स्वास्थ्य सेवा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। कोरोना काल में जिस सेवा भावना के साथ सिकंदर आलम ने लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम किया, उसी सोच को अब सड़क दुर्घटना पीड़ितों के उपचार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो यह क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।

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